मायावती के गांव की रहने वाली इस आईएएस ने क्यों कहा लॉकडाउन के बाद दूंगी इस्तीफा

ग्रेटर नोएडा। बसपा सुप्रीमो मायावती के पैतृक गांव बादलपुर को कौन नहीं जानता है। इस समय यह यहां की मूल निवासी एक आईएएस की वजह से फिर से चर्चा में आ गया है। बादलपुर की रहने वाली इस महिला आईएएस ने इस्तीफे का ऐलान कर खलबली मचा दी है।

यह लिखा है फेसबुक पर

रानी नागर 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मूल रूप से बादलपुर की रहने वाली हैं। फिलहाल वह गाजियाबाद में रह रही हैं। उनके नाम से फेसबुक प्रोफाइल पर उन्होंने अपने इस्तीफे का ऐलान किया है। मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार, रान नगार ने लॉकडाउन खुलने के बाद इस्तीफे का ऐलान किया है। उन्होंने पोस्ट किया है, मैं रानी नागर पुत्री श्री रतन सिंह नागर निवासी गाजियाबाद गांव बादलपुर तहसील दादरी जिला गौतमबुद्धनगर, आप सभी को सूचित करना चाहती हूं कि मैंने यह निर्णय लिया है कि मैं आईएएस के पद से इस्तीफा दूंगीं।

अभी चंडीगढ़ में कर्फ़्यू लगा हुआ है। इस कारण से मैं और मेरी बहन रीमा नागर चंडीगढ से बाहर नहीं निकल सकते। चंडीगढ़ से आगे मार्ग में गाजियाबाद तक रास्ते भी बंद हैं। लॉकडाऊन व कर्फ़्यू खुलने के बाद मैं अपने कार्यालय में इस्तीफा देकर व सरकार से नियमानुसार अनुमति लेकर वापस गाजियाबाद आयेंगे। हम आपके आशीर्वाद व साथ के आभारी रहेंगे।

यह कहा रिश्तेदार ने

बादलपुर के रहने वाले देवराज नागर का कहना है कि रानी नागर के पिता का नाम रतन सिंह नागर था। वे दो भाई और दो बहन हैं। उन्होंने गाजियाबाद में ही पढ़ाई की है। उनके पिता रतन सिंह एमएमएच इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल हो गए थे। उनका परिवार इस समय गाजियाबाद नेहरू नगर में रह रहा है। वहीं, उनके रिश्तेदार अशोक नागर ने कहा कि अभी इस्तीफे के ऐलान के बारे में कुछ नहीं पता है। उनके भाई का नंबर अभी स्विच आफ जा रहा है। उनसे बात होने के बाद भी कुछ पता चलेगा।

यह है मामला

मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, महिला आईएएस अधिकारी रीना ने अपनी और उनकी बहन को जान का खतरा बताया है। वह 2019 से अपनी बहन के साथ चंडीगढ़ में रह रही हैं। रानी नागर ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुनील गुलाटी और चंडिगढ़ पुलिस के कुछ अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में केस डाल रखा है।

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