पापा करते थे कोयले की खान में काम और खुद बन गया भारतीय टीम का स्टार!

भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों की कहानियां बहुत ज्यादा दिलचस्प और दुखद हैं कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो बेहद गरीब परिवार से आते हैं और क्रिकेटर बनने के सपने को उन्होंने गरीबी में रहने के बावजूद भी पूरा किया था। हम आप लोगों को जिस भारतीय खिलाड़ी के बारे में बताने वाले हैं उस भारतीय खिलाड़ी का नाम उमेश यादव उमेश यादव के पिता तिलक यादव कोयले की खान में काम करते थे।

19 साल की उम्र में उमेश यादव ने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उस वक्त उमेश यादव घरेलू स्तर पर क्रिकेट खेलकर गेंदबाजी में धमाल मचा रहे थे। टीवी से निकलकर उमेश यादव ने यह साबित कर दिया कि वह अपने सपने को पूरा करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

उमेश यादव आज भारतीय क्रिकेट टीम के बेहतरीन गेंदबाजों में शामिल हो चुके हैं। उमेश यादव आज बीसीसीआई की बी ग्रेड श्रेणी के खिलाड़ी हैं और इन को सालाना 3 करोड़ की सैलरी मिलती है। उमेश यादव की गेंदबाजी के सामने मनीष पांडे और श्रेयस अय्यर की बल्लेबाजी भी फीकी पड़ जाती है। उमेश यादव और श्रेयस अय्यर बीसीसीआई की सी ग्रेड श्रेणी में शामिल हैं।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *