इस वजह से इरफान खान ने खो दी थी हिम्मत, करने लगे थे मरने की बातें लेकिन फिर…

0

मुंबई. बॉलीवुड ने दिग्गज अभिनेता इरफान खान (Irrfan Khan died) को खो दिया है. 53 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है. इरफान को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल (Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital) में भर्ती कराया गया था. कई घंटों तक मौत से लड़ने के बाद बुधवार 29 अप्रैल को उनके निधन की खबरें आई. इरफान कई सालों से किसी फाइटर की तरह कैंसर से जंग लड़ रहे थे. वहीं जब वो विदेश में इलाज करवा रहे थे, उस दौरान उनका एक इंटरव्यू सामने आया था, जिसमें उन्होंने कीमोथैरेपी के दौरान अपनी हालत के बारे में बताया था.

इरफान खान ने 2018 में न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने और दिल खोलकर बातें की और अपनी बीमारी के बाद जिंदगी में आए आंखें खोल देने वाले बदलाव के बारे में बताया था. इरफान ने कहा था कि ‘चार बार कीमोथैरेपी हो चुकी है. दो बार और कीमो होने के बाद एक बार फिर कैंसर स्कैन किया जाएगा. इसके बाद मालूम चलेगा कि क्या होता है. मेरे दिमाग में बार-बार आता है कि मैं एक चिप गर्दन में टांग लूं और कहूं, मुझे ये बीमारी है और मैं एक साल या दो साल में मरने वाला हूं. या फिर मुझे लगता है कि मैं ये बातचीत ही बंद कर दूं और उस तरह जिंदगी जिऊं जैसे वो मेरे सामने आती है. मैं ये मानता हूं कि मैं एक अंधियारी दुनिया में घूम रहा था, मैं देख ही नहीं पाया कि जिंदगी ने मुझे क्या-क्या दिया है.

इरफान ने बताया था कि ‘जब शुरुआत में इस बीमारी के बारे में पता चला, तो मैं हिल सा गया. बहुत कमजोर पड़ गया था. कुछ समझ नहीं आ रहा था. लेकिन धीरे-धीरे जिंदगी के बारे में सोचने का एक नया नजरिया सामने आया. मैं चाहता था कि लोग प्रकृति पर भरोसा रखना सीखें. प्रकृति से ज्यादा भरोसेमंद और कुछ नहीं है’.

उन्होंने कहा था कि ‘शुरुआत में मुझे सबसे ज्यादा समस्या ये हुई कि हर कोई ये सोच रहा था कि मैं ठीक हो पाउंगा या नहीं. ये मेरे हाथ में नहीं है. जो इस बीमारी ने मुझे सिखाया कि वो मैं 30 साल तक मेडिटेशन करने के बाद भी नहीं सीख सकता था’. इस इंटरव्यू में कही इरफान की बातों से पता चलता है कि वो कितने पॉजिटिव शख्सियत थे. इतने मुश्किल समय में भी इरफान किस तरह खुद सो संभाल हुए थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here